राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में अपना जलवा दिखाने वाली हैदर काजमी की अवार्ड विनिंग फ़िल्म 'जिहाद' की धूम ओटीटी प्लेटफार्म मस्तानी पर भी खूब देखने को मिल रही है। इस प्लेटफॉर्म पर फ़िल्म ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
गौरतलब है कि इस फ़िल्म को अब तक 35 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोह में अवार्ड मिल चुके हैं। कांस जैसे फ़िल्म समारोह में बेहतरीन फ़िल्म की सराहना भी की गई। फ़िल्म को राकेश परमार ने निर्देशित किया है। फिल्म 'जिहाद' हिंदी, इंग्लिश, तेलगु, तमिल, कनाडा औऱ भोजपुरी कुल छह भाषाओं में रिलीज हुई है।
फ़िल्मकार हैदर काजमी ने बताया कि 'जिहाद' देश के दर्शकों के लिए वास्तविक पृष्ठभूमि में बनी शानदार कथानक वाली फिल्म है। उन्होंने कहा कि आज ‘जिहाद’ शब्द को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति है, उसी को साफ करने के लिए इस नाम से फिल्म बनाई है। वास्तव में जिहाद को आतंकवाद से जोड़ कर देखा जाता है। लेकिन, सभी जिहाद के असल मतलब से अंजान हैं। वह कहते हैं कि ‘जिहाद’ का मतलब होता है अपने अंदर के क्रोध और शैतान को मारना, न कि इसके नाम पर बंदूक उठाकर बेकसूर लोगों को मारना।
फिल्म कश्मीर के कुपवाड़ा, चरारेशरीफ, दूध गंगा, यूसमरग जैसे सम्वेदनशील लोकेशंस पर फिल्माई गई है। इस फिल्म को कश्मीर के स्थानीय कलाकारों के साथ वर्कशॉप कर शूट किया गया। इस वजह से यह फिल्म और भी वास्तविक और आकर्षक लगती है।

Related Items
रघुनाथांजलि संगीत समारोह में गूंजी स्वर लहरियां
खजुराहो फ़िल्म फेस्टिवल में सम्मानित हुई ‘तलाक़ अब नहीं’
ग्लोबल ताज इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में ‘गुड़हल’ ने झकझोरा