जब वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू हुआ तब व्यापारियों पर सरकारी नियमों का दबाव था और कपड़ा व्यापारियों के सामने सम्मान एवं अस्तित्व की चुनौती खड़ी थी।
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जब वर्ष 1975 में देश में आपातकाल लागू हुआ तब व्यापारियों पर सरकारी नियमों का दबाव था और कपड़ा व्यापारियों के सामने सम्मान एवं अस्तित्व की चुनौती खड़ी थी।
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In an age marked by rising social stress, shrinking tolerance, and deepening political divides, Humour Times organised an engaging discussion on the theme, "Why Should We Laugh at Ourselves More Often?"
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रविवार शाम को यमुना आरती स्थल पर रिवर कनेक्ट कैंपेन द्वारा आयोजित विशेष सेवा, पूजा और आरती कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुआ। शीतल मंद बयार, यमुना नदी का शांत किनारा और आध्यात्मिक माहौल पूरे आयोजन को अलौकिक आभा दे रहे थे। बड़ी संख्या में जुटे भक्तों ने मां यमुना की आराधना की।
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रिवर कनेक्ट अभियान के स्वयंसेवकों ने यमुना आरती स्थल पर एकत्र होकर “एक मुट्ठी मिट्टी, एक वचन” के तहत पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
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घंटी बजती है। भीड़ उमड़ती है। प्रसाद मिलता है। और पीछे छूट जाता है… प्लास्टिक का पहाड़। क्या यही हमारी आस्था की पहचान है? अब तस्वीर बदलने की कोशिश शुरू हो गई है।
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A decade ago, solar power occupied only a small place in India's electricity mix. Today, it forms the largest share of the country's renewable energy capacity. From an installed capacity of…
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With widespread reports of hiring activity stabilising after a prolonged period of uncertainty, employers are facing an increasingly difficult balancing act.
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नदियां कभी सरहदें नहीं मानतीं। वे जीवन, संस्कृति और सभ्यता को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं। लेकिन, जब कोई शहर या राज्य अपनी गंदगी नदी में उड़ेल देता है, तो वह ज़हर भी सीमाएं नहीं मानता। वह भी बहते-बहते…
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ब्लूबेरी और जामुन अक्सर एक जैसे दिखते हैं, लेकिन असल में ये दो बिल्कुल अलग-अलग फल हैं। ब्लूबेरी उत्तरी अमेरिका की देन हैं। जो कि छोटे, गोल और हल्की खटास के साथ मीठापन लिए होते हैं। इन्हें ‘सुपरफूड’…
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