मथुरा : वृंदावन के ब्रह्म कुंड में बंदरों के आतंक के कारण न केवल तीर्थ यात्रियों को परेशानी हो रही है, बल्कि अब उन्होंने पौराणिक मूर्तियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
हाल ही में, बंदरों ने षट् गोस्वामी की आदमकद मूर्ति तोड़ दी, जो एक हृदय विदारक घटना है। इस संबंध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और समुदायों ने मंडलायुक्त और जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि इस समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने बताया कि ब्रह्म कुंड एक पौराणिक और धार्मिक स्थल है, और यह सबकी जिम्मेदारी है कि इसकी सुरक्षा और पौराणिक महत्व को बनाए रखा जाए।
प्रशासन से बंदरों के आतंक पर नियंत्रण, कुंड की सुरक्षा के लिए उचित उपाय, बंदरों को रोकने के लिए जाल लगाने तथा तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था किए जाने की मांग की गई है।
दूसरी ओर, अब इस तरह की आवाजें भी उठ रही हैं कि बंदरों की आजादी पर किसी प्रकार का नियंत्रण न लगाया जाए, क्योंकि यह धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला अपराध माना जाएगा। बंदरों के लिए जाल लगाने की बात पर एक प्रतिक्रिया यह भी आई है कि बंदरों को अनावश्यक तनाव न देकर उनकी स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए।

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