शाम पांच बजे जैसे ही एत्माद्दौला व्यू प्वाइंट यमुना किनारा स्थित आरतीस्थल पर घंटे, थाली और शंख बनने प्रारम्भ हुए राहगीर भी रुककर यह नजारा देखने लगे। जिन लोगों के पास घंटा या थाली नहीं थी, उन्होंने सीटी भी बजाई। विश्व नदी दिवस के उपलक्ष्य में यमुना मैय्या के भक्तों ने कुछ इसी अंदाज में कालिंदी की व्यथा व जनप्रतिनिधियों की यमुना मैया के प्रति बेरुखी व रोष व्यक्त किया।
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