घंटे, शंख और थाली बजाकर व्यक्त की यमुना की व्यथा


आगरा : शाम पांच बजे जैसे ही एत्माद्दौला व्यू प्वाइंट यमुना किनारा स्थित आरतीस्थल पर घंटे, थाली और शंख बनने प्रारम्भ हुए राहगीर भी रुककर यह नजारा देखने लगे। जिन लोगों के पास घंटा या थाली नहीं थी, उन्होंने सीटी भी बजाई। विश्व नदी दिवस के उपलक्ष्य में यमुना मैय्या के भक्तों ने कुछ इसी अंदाज में कालिंदी की व्यथा व जनप्रतिनिधियों की यमुना मैया के प्रति बेरुखी व रोष व्यक्त किया।

आयोजन के दौरान, ताजमहल के डाउनस्ट्रीम में बैराज निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की मांग भी की गई। यमुना तलहटी की डी-सिल्टिंग व डूब क्षेत्र में हटाए जाने की मांग करते हुए भक्तजनों ने कहा कि पूरे वर्ष नदी में जल प्रवाह की व्यवस्था होनी चाहिए।

रिवर कनेक्ट कैम्पेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने याद दिलाया कि तत्कालीन परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से आगरा तक स्टीमर चलाने का वादा किया था। लेकिन, अब इस विषय पर कोई चर्चा नहीं होती है। उन्होंने मांग की कि यमुना बेसिन की समस्त छोटी नदियों की सफाई और संरक्षण किया जाना चाहिए। रिवर कनेक्ट कैम्पेन ने पिछले दिनों यमुना नदी पर बन रहे तीन नए बांधों का विरोध किया। यदि बैराज बने तो आगरा के लिए यमुना में भयंकर जल संकट खड़ा हो जाएगा। ताजमहल सहित कई ऐतिहासिक इमारतें पानी के अभाव में संकट में आ सकती हैं।

इस अवसर पर गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, पं. जुगल किशोर, राहुल राज, दीपक राजपूत, शहतोष गौतम, चतुर्भुज तिवारी, पद्मिनी अय्यर, दिनेश शर्मा, डॉ. हरेन्द्र गुप्ता, दीपक पालीवाल, जगन प्रसाद, सोनिया राजपूत, सत्यम, पं. कमलकांत शास्त्री, अभिदीप शर्मा व नन्द राय आदि उपस्थित थे।

इससे पहले, साइक्लिस्ट प्रमोद कटारा ने यमुना के लिए, ताज महल से पोहिया घाट और वापस सर्किट हाउस लगभग 23 किलोमीटर की दौड़ लगाकर यमुना के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यमुना आरतीस्थल पर उनका सम्मान किया गया।


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