यमुना मैया की दुर्दशा पर जताई गहरी चिंता



आगरा : रिवर कनेक्ट कैंपेन के अनुसार शहर की जीवन रेखा यमुना नदी आज गंभीर संकट से जूझ रही है। 

कैंपेन प्रमुख बृज खंडेलवाल ने बताया कि दिल्ली से आने वाले अनुपचारित नालों का गंदा पानी आगरा तक पहुंच रहा है। इससे नदी में सफेद झाग, रासायनिक प्रदूषण और प्लास्टिक कचरा बढ़ता जा रहा है। हाल के वर्षों में यमुना की जल गुणवत्ता लगातार गिरती गई है, बॉड स्तर ऊंचा, घुलित ऑक्सीजन लगभग शून्य के करीब, और अमोनिया तथा कोलीफॉर्म बैक्टीरिया के स्तर सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक हैं।

ध्यान रहे, आगरा में नदी अब बहते गंदे नाले जैसी दिखती है। इससे स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र, मत्स्य जीव और आसपास के निवासियों का स्वास्थ्य खतरे में है। ताज महल जैसे विश्व धरोहर के किनारे यह स्थिति और भी दुखद है। 

पर्यावरणविद डॉ देवाशीष भट्टाचार्य ने योगी सरकार से तत्काल मांग की कि आगरा क्षेत्र में बैराज निर्माण का कार्य अविलंब शुरू किया जाए। लंबे समय से लंबित यह परियोजना नदी में जल प्रवाह बढ़ाकर प्रदूषण को कम करने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की उदासीनता के कारण यमुना की सेहत दिन-ब-दिन बिगड़ रही है। नामामी गंगे कार्यक्रम के तहत आगरा में कुछ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू हुए हैं, लेकिन ये प्रयास अपर्याप्त हैं, नदी को बचाने के लिए बड़े पैमाने पर जल प्रवाह प्रबंधन और प्रदूषण स्रोतों पर सख्त नियंत्रण जरूरी है। 

कार्यक्रम में चतुर्भुज तिवारी, राहुल राज नंदवंशी, रंजन शर्मा, निधि पाठक, पद्मिनी अय्यर व मुकेश चौधरी सहित अन्य सदस्यों ने यमुना मैया को पुष्पांजलि अर्पित की और सरकारों से अपील की कि वे अपने वादों को पूरा करें। धर्म, आस्था और पर्यावरण की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि यमुना पुनः स्वच्छ और जीवनदायिनी बने। 




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