‘स्वच्छ हवा में सांस लेना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार’

"प्रकृति ने हमें बहुत दिया है। हवा, पानी, धूप और धरती सब इतना दिया है कि सभी के हक में सब कुछ आ जाए। लेकिन, आदमी ने सब खराब कर दिया है। मनुष्य की तमाम तरह की जरूरतों की आपूर्ति करना ईश्वर का काम है। जो लोग सामाजिक उत्थान के कार्यों में लगे रहते हैं, वे ईश्वर तुल्य हैं। इसी तरह हवा की शुद्धि के प्रति ध्यान देने वाले लोग ईश्वर तुल्य हैं। हम सभी लोगों की यह जिम्मेदारी है कि हवा, पानी को प्रदूषित न करें और यह काम सभी के सम्मिलित प्रयास से ही संभव हैं।“ ये बातें सुप्रसिद्ध वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. वीएस चौधरी ने कहीं।

प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता रखने और जागरूकता विकसित करने संबंधी ऐसी ही कई महत्वपूर्ण बातों की चर्चा दिल्ली-एनसीआर में 27 और 29 अक्टूबर की शामों के नाम रहीं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए, पूर्वी दिल्ली एवं नोएडा शाखा) की ओर से रिवर इंजीनियरिंग और जस्टिस फॉर एयर तथा फेडेरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन के सहयोग से ये कार्यक्रम संपन्न हुए।

पहले दिन, 27 अक्टूबर को दिल्ली में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन , पूर्वी दिल्ली शाखा की ओर से रिवर इंजीनियरिंग , इंडियन फेडेरेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस एसोसिएशन एवं जस्टिस फॉर एयर के सहयोग से "पराली जलाने और 'कोविड' काल के बाद के वायु प्रदूषण की चुनौतियों” पर सार्थक चर्चा हुई।

वहीं, 29 अक्टूबर को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, नोएडा शाखा की ओर से रिवर इंजीनियरिंग और जस्टिस फ़ॉर एयर के सहयोग से आईएमए भवन, नोएडा में "प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिम" पर संगोष्ठी आयोजित की गई।  

रिवर इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन डॉ. एके अग्रवाल ने वायु प्रदूषण के संदर्भ में बताया कि कैसे वायु का स्वरूप इन दिनों बदलता जा रहा है। 1980-90 के दशकों तक हवा में जहां सिर्फ धूल और मिट्टी होती थी, वहीं आज के समय में सिलिका, एल्युमीनियम, ई-वेस्ट आदि जैसे प्रदूषक भी घुल-मिल गए हैं जो हमारी सांस के साथ हमारे शरीर के अंदर पहुंचते हैं।

इस दौरान उपस्थित विशेषज्ञ चिकित्सकों व  प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने कहा कि कोविड काल के अनुभवों को देखते हुए स्वास्थ्य को लेकर हर नागरिक को साक्षर होना होगा।

बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बिष्ट ने दोनों दिन के कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं स्थानीय गौतमबुद्ध नगर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने नवोन्मेषी पहल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में स्तुत्य कदम बताया। उन्होंने शुद्ध हवा और स्वास्थ्य की बुनियादी बातों का जिक्र करते हुए भरोसेमंद एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम की बढ़ती जरूरतों पर बल दिया।

विख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन रेजिडेंट्स के लिए एयर प्यूरिफिकेशन सिस्टम वरदान की तरह हैं।

दोनों दिनों के कार्यक्रमों में जाने-माने डॉक्टरों, समाजसेवियों,  बुद्धिजीवियों, उद्यमियों, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, मीडियाकर्मियों और अनेक क्षेत्रों के लोगों ने भागीदारी की। 

इस अवसर पर गौतमबुद्ध नगर के विभिन्न अस्पतालों के कोरोना योद्धाओं का उनके सेवा कार्यों के लिए सम्मानित भी किया गया।


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