जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए रामबाण है आयुर्वेद



प्रयागराज : आधुनिक युग की भागदौड़ ने हमारी जीवनशैली को काफी हद तक प्रभावित किया है और इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। यही कारण है कि जीवनशैली से संबंधित बीमारियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी विषय पर स्थानीय प्रयागराज इन होटल में 'वैद्य सम्भाषा और सम्मान कार्यक्रम' के अंतर्गत चल रहे 'निरोगस्ट्रीट वैद्य संपर्क अभियान' में आयुर्वेद चिकित्सकों के बीच गहन चिंतन हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. बीएम त्रिपाठी ने कहा कि लगभग 90 फीसदी बीमारियां सीधे-सीधे जीवनशैली से जुड़ी हुई होती हैं। यदि इसके स्थायी समाधान की तरफ ध्यान न दिया गया तो यह एक महामारी का रूप धारण कर सकता है। अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद में इन बीमारियों का बेहद असरदार उपचार उपलब्ध है।

इस अवसर पर मौजूद देश के जाने-माने चिकित्सक वैद्य शशिकांत राय ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए प्रामाणिक आयुर्वेद चिकित्सा पर जोर दिया। प्रोफेसर जीएस तोमर ने आयुर्वेद संहिताओं में मधुमेह के विवरण के बारे में बताया। डॉ. आरसी मौर्य ने जीवनशैली से संबंधित बीमारियों का एक बड़ा कारण देर रात खाने की आदत को बताया।

उनके अलावा, डॉ. दिलीप कुमार सिंह, डॉ. अवनीश भूषण पांडेय, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. भरत नायक, डॉ. आशुतोष मालवीय व डॉ. सोनिया आदि ने भी इस विषय पर अपने अनुभवों को साझा किया।

उल्लेखनीय है कि देश के आयुर्वेद चिकित्सकों के बड़े मंच 'निरोगस्ट्रीट' द्वारा वैद्य संपर्क अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अब तक गाजियाबाद, नोएडा, हाथरस, आगरा, दिल्ली, कानपुर, लखनऊ और प्रयागराज में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। प्रयागराज में इस कड़ी का यह नौवां  कार्यक्रम था।

जीवनशैली पर हुए इस चिंतन-मनन में 100 से अधिक आयुर्वेद चिकित्सकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपनी राय रखी। इस मौके पर प्रशस्ति पत्र देकर वैद्यों को सम्मानित किया गया।




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