वाहनों से ज्यादा इंसानों को दो इज्जत...

आगरा : आगरा में सड़क पर चलना अब सामान्य नागरिक के लिए भी किसी जोखिमभरे सफर से कम नहीं है। स्कूली बच्चे तेज रफ्तार वाहनों से बचते हुए सड़क पार करते हैं। बुजुर्ग टूटे और अतिक्रमित फुटपाथों के कारण सड़क पर चलने को मजबूर हैं और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित रास्ते लगभग गायब हैं।

इसे देखते हुए, रिवर कनेक्ट कैंपेन ने रविवार शाम को आयोजित एक सभा में टीटीजेड अध्यक्ष, मंडलायुक्त, नगर निगम और यातायात पुलिस से आगरा में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करने की मांग की है।

यमुना आरती भक्तों ने मांग की कि यमुना किनारा रोड पर, किले से वाटर वर्क्स तक लाल रंग से रंगी अलग लेन चिह्नित की जाए जिस पर सिर्फ पैदल और साइकिल वाले चलें, जेब्रा क्रॉसिंग को रंगा जाए, होम गार्ड को नियुक्त किया जाए ताकि ट्रैफिक रोककर, पैदल सड़क पार कर सकें।

आए दिन उत्सव, विसर्जन, जुलूस, झांकिया, निकालने के लिए अलग मार्ग चिह्नित करें, ताकि पूरी व्यवस्था सुचारू पूर्वक चलती रहे। जब सारी दुनिया के शहरों में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाती है तो आगरा में ही क्यों नहीं हो पाती है? इसका जवाब पुलिस या प्रशासन दे।

समन्वयक बृज खंडेलवाल ने कहा कि हाल में यूरोप की यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि वहां सड़क व्यवस्था में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। लाल रंग से स्पष्ट साइकिल लेन, चौड़ी जेब्रा क्रॉसिंग, पैदल यात्री सिग्नल, निर्धारित लेन और कैमरों से लगातार निगरानी सड़क अनुशासन का हिस्सा हैं।

खंडेलवाल ने कहा, “आगरा को भी अब गाड़ियों का शहर नहीं, लोगों का शहर बनाने की जरूरत है। सड़क पर पहला अधिकार इंसान का होना चाहिए, केवल मोटर वाहन का नहीं।” उन्होंने मांग की कि आगरा की प्रमुख सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए स्पष्ट और बाधामुक्त फुटपाथ तथा साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाई जाए। फुटपाथों पर पार्किंग तथा अतिक्रमण पूरी तरह रोका जाए।

रिवर कनेक्ट अभियान ने प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी और यातायात निगरानी कैमरे लगाने की मांग की। इन कैमरों से केवल चालान ही नहीं, बल्कि यातायात के व्यवहार और सड़क सुरक्षा की लगातार निगरानी भी की जानी चाहिए।

ताज महल आने वाले विदेशी और देशी पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित पैदल मार्ग जरूरी हैं। फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, सिकंदरा, शाहगंज और यमुना किनारे के मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर पैदल यात्री अनुकूल बनाया जाना चाहिए।

इस मौके पर, पर्यावरणविद डॉ देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि सुरक्षित पैदल मार्ग केवल सुविधा का मामला नहीं है। यह नागरिकों की गरिमा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आगरा की पर्यटन छवि से जुड़ा सवाल है।

सभा में रंजन शर्मा, राज कुमार माहेश्वरी, चतुर्भुज तिवारी, सत्यम शर्मा, राजवीर सिंह एडवोकेट, मुकेश चौधरी व प्रशांत कौशिक आदि उपस्थित रहे।