आगरा : ताज महल के साये में बहती यमुना आज भी गंदे नालों, सीवेज और सरकारी उदासीनता का बोझ ढो रही है। नदी को जीवन देने के बजाय योजनाओं, घोषणाओं और बैठकों का सिलसिला चलता रहता है। सवाल सीधा है कि आखिर आगरा की यमुना को साफ, सुरक्षित और जीवंत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ठोस कदम कब उठाएगी?
रिवर कनेक्ट कैंपेन ने प्रदेश सरकार और आगरा प्रशासन से मांग की है कि यमुना के पुनर्जीवन के लिए साबरमती रिवरफ्रंट की तर्ज पर एक समग्र, व्यावहारिक और समयबद्ध योजना तैयार की जाए। केवल घाटों, पार्कों, साइकिल ट्रैक और नदी किनारे की सजावट से यमुना की बदहाली दूर नहीं होगी। नदी को पहले प्रदूषण से मुक्त करना होगा, उसका जलप्रवाह बहाल करना होगा और बाढ़ से सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।
दिल्ली में यमुना के किनारे रिवरफ्रंट विकसित करने की योजनाओं पर चर्चा हो रही है। साबरमती के तट पर अहमदाबाद ने नदी के किनारे विकास का एक मॉडल प्रस्तुत किया है। लेकिन, आगरा में यमुना की दुर्दशा दूर करने के लिए अब तक ठोस, एकीकृत और समयबद्ध कार्रवाई का अभाव दिखाई देता है। प्रदेश सरकार को यह समझना होगा कि यमुना केवल पर्यटन का साधन नहीं, बल्कि ब्रज की जीवनरेखा और आगरा की प्राकृतिक धरोहर है।
रिवर कनेक्ट कैंपेन की प्रमुख मांगों में साबरमती मॉडल पर समग्र रिवरफ्रंट, नदी तल की सफाई व गाद निकासी, आगरा बैराज का निर्माण, गंदे पानी के लिए समानांतर नहर और डायवर्जन व्यवस्था, यमुना किनारा सड़क और नदी तट का समन्वित विकास तथा समयबद्ध कार्ययोजना व सार्वजनिक जवाबदेही आदि शामिल हैं।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा में यमुना की समस्या किसी एक विभाग के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती है। जल संसाधन, नगर विकास, सिंचाई, प्रदूषण नियंत्रण और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। हर विभाग दूसरे पर जिम्मेदारी डालता रहेगा, तो नदी इसी तरह दम तोड़ती रहेगी। उन्होंने कहा, “साबरमती मॉडल का मतलब केवल चमकते घाट और खूबसूरत किनारे नहीं है। आगरा को ऐसा मॉडल चाहिए, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण, जलप्रवाह, बाढ़ सुरक्षा, नदी तल की सफाई और सुव्यवस्थित नदी तट विकास एक साथ हों। पहले नदी को बचाइए, फिर उसे सजाइए।” उनके अनुसार, यमुना को पुनर्जीवित करने के लिए केवल घोषणाएं पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को स्पष्ट समयसीमा, पर्याप्त बजट और जवाबदेही तय करनी होगी। आगरा की जनता को यह जानने का अधिकार है कि यमुना के उद्धार के लिए क्या काम हो रहा है, कितना पैसा खर्च हो रहा है और परिणाम कब दिखाई देंगे।
रिवर कनेक्ट कैंपेन की मांग है कि यमुना को प्रदूषित नाले की नियति से मुक्त किया जाए। साबरमती मॉडल की उपयोगी विशेषताओं को अपनाया जाए, स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजना बनाई जाए और इस पर तत्काल काम शुरू किया जाए। ताज महल की खूबसूरती तभी पूरी होगी, जब उसके किनारे बहती यमुना भी स्वच्छ, प्रवाहमान और जीवंत होगी।

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