यमुना की बदहाली दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए सरकार

आगरा : यमुना को बचाने और आगरा की जीवनरेखा को पुनर्जीवित करने के लिए रिवर कनेक्ट कैंपेन के स्वयंसेवकों ने बीते रविवार की शाम को यमुना आरती स्थल पर बैठक की। बैठक में नदी की दुर्दशा दूर करने, भूजल स्तर सुधारने और यमुना के किनारों को जनजीवन, संस्कृति तथा धार्मिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।

बैठक में मांग की गई कि ताज महल से नीचे की ओर यमुना पर बैराज बनाने की योजना पर जल्द अमल किया जाए। इससे नदी में पानी का भंडारण बढ़ाने और आगरा में जल संकट से निपटने में मदद मिल सकती है। स्वयंसेवकों ने नदी तल से गाद और सिल्ट निकालने की भी मांग की, ताकि जलधारण क्षमता बढ़े और भूजल पुनर्भरण में बाधा डालने वाली परतें हटाई जा सकें।

बैठक में कहा गया कि यमुना में सालभर न्यूनतम जल प्रवाह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। नदी में पर्याप्त पानी के बिना उसकी पारिस्थितिकी, जलीय जीवन और आसपास के भूजल तंत्र को बचाना मुश्किल होगा।

पर्यावरणविद डॉ देवाशीष भट्टाचार्य ने नदी में गिरने वाले नालों के पानी को रोकने और उसे नदी के समानांतर बनाई जाने वाली नहर में मोड़ने का सुझाव दिया। साथ ही, नदी के दोनों किनारों पर पक्के तटबंध बनाने तथा सुनियोजित रिवर फ्रंट विकास की मांग की।

बैठक में यमुना के किनारों पर सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। शहतोश गौतम ने नदी को प्रदूषित करने वालों पर निगरानी के लिए निरंतर व्यवस्था बनाने की मांग की। प्रदूषण फैलाने वाले प्रतिष्ठानों और गतिविधियों की नियमित जांच हो तथा नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। नदी तटों पर मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने और यमुना किनारा रोड से ट्रांसपोर्ट कंपनियों को अन्य उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने की मांग भी की गई।

नागरिकों की सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल आवागमन को ध्यान में रखते हुए ब्रज खंडेलवाल ने नदी के किनारे साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों के लिए अलग, स्पष्ट रूप से चिह्नित लेन बनाने का प्रस्ताव रखा। इन लेन को लाल रंग से रंगने की मांग की गई, ताकि उनकी पहचान आसानी से हो और वाहनों से सुरक्षित दूरी बनी रहे।

बैठक में कहा गया कि यमुना को केवल जलधारा नहीं, बल्कि आगरा की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के रूप में देखा जाना चाहिए। इसके पुनर्जीवन के लिए विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, समयबद्ध कार्ययोजना और जनभागीदारी आवश्यक है।

रिवर कनेक्ट कैंपेन ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार से मांग की कि इन प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई शुरू की जाए, ताकि यमुना को स्वच्छ, प्रवाहमान और जनजीवन से जुड़ी नदी के रूप में पुनर्जीवित किया जा सके।

सभा में सर्वश्री  चतुर्भुज तिवारी, मुकेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।