दिवंगत संतोष नायर की आत्मकथा का हुआ विमोचन

मैसूरु : दिवंगत संतोष (सैम) नायर की आत्मकथा ‘सिल्वर लाइनिंग्स इन द डार्क स्काई’ का रविवार शाम होटल रॉयल इन में विमोचन हुआ। उनके मित्रों, प्रशंसकों, लेखकों, पूर्व सहयोगियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर पुस्तक का लोकार्पण किया।

278 पृष्ठों की इस आत्मकथा का संपादन डॉ अलोक गुप्ता ने किया है और प्रकाशन पिंक लोटस, वाराणसी ने किया है। डॉ गुप्ता ने घोषणा की कि पुस्तक की बिक्री से प्राप्त राशि पीएम केयर्स फंड में दान की जाएगी।

अंग्रेजी में पढ़ें : Autobiography ‘Silver Linings in the Dark Sky’ released

वरिष्ठ पत्रकार बृज खंडेलवाल ने कहा, “यह पुस्तक केवल संतोष की असाधारण लेखन प्रतिभा को श्रद्धांजलि नहीं है बल्कि यह हमें मानसिक स्वास्थ्य, खासकर बाइपोलर डिसऑर्डर को समझने और इससे जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील होने का संदेश भी देती है।”

मुक्ता गुप्ता ने कहा, “संतोष की लेखनी में ईमानदारी और बेबाकी थी। इस पुस्तक में उनकी जिंदगी के उजले और अंधेरे दोनों पहलू सामने आते हैं। यह पाठकों को भीतर तक छूने वाली किताब है।”

डॉ अलोक गुप्ता ने कहा, “संतोष केवल एक मरीज नहीं थे। वह एक पेशेवर, यात्री, लेखक, मित्र और संवेदनशील इंसान थे। उनकी कहानी बताती है कि बीमारी के पीछे हमेशा एक पूरा इंसान होता है, जिसे समझ, इलाज और सम्मान की जरूरत होती है।”

जगन बेंजामिन ने कहा, “संतोष की आत्मकथा व्यक्तिगत संघर्ष से आगे बढ़कर समाज के लिए एक संदेश है। हमें मानसिक बीमारी को लेकर चुप्पी और कलंक तोड़ना होगा।”

चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे संतोष नायर ने विभिन्न देशों में काम और जीवन बिताया। उनका निधन 4 मई 2024 को हुआ। पुस्तक में महत्वाकांक्षा, अकेलापन, रिश्ते, गलतियां, पीड़ा और उम्मीद के साथ बाइपोलर डिसऑर्डर की जटिलताओं को भी बेहद मानवीय ढंग से सामने रखा गया है।

वक्ताओं ने कहा कि ‘सिल्वर लाइनिंग्स इन द डार्क स्काई’ केवल आत्मकथा नहीं, बल्कि अंधेरे दौर में उम्मीद की तलाश और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता का दस्तावेज है।




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