“छत्रपति शिवाजी महाराज ने सिखाया स्वाभिमान से जीना”

आगरा : अजिंक्य देवगिरि प्रतिष्ठान द्वारा महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आगरा किले में आयोजित शिव जयन्ती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने मुगलकाल में घटी घटना के इतिहास के पन्नों को पलटते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमें स्वाभिमान सिखाया। फड़णवीस ने कहा कि अपना शौर्य दिखाते हुए उन्होंने औरंगजेब की आगरा किला स्थित जेल से छूटकर वापस स्वराज्य स्थापित किया।

आगरा किले में आयोजन का शुभारम्भ करते हुए फड़णवीस ने शिवाजी महाराज की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। उनका स्वागत अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र के अध्यक्ष विनोद पाटिल ने साफा पहनाकर किया। 

इससे पहले, अतिथियों का स्वागत मराठी शैली में किया गया। मराठी परिधान पहनकर सजे-धजे कलाकारों ने ढोल-नगाड़ों और मंजीरे की स्वरलहरियों पर रोमांचकारी नृत्य किया। कई विदेशी पर्यटक भी आयोजन का हिस्सा बने।

कोल्हापुर के सब्यसाची गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित मर्दाना खेल को देखकर हर कोई अचम्भित हो उठा। इसमें परंपरागत मराठी परिधान पहने छात्राओं ने हाथों में डंडा लेकर प्रदर्शन कर निज सुरक्षा के साथ देश सुरक्षा का भी संदेश दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शिव जन्म से लेकर अफजल खान के वध की घटना को नृत्य नाटिका के माध्यम से कलाकारों ने जीवन्त कर दिया। नितिन सरकटे व उत्कर्ष शिन्दे के गायन पर दर्शकों ने दोनों हाथ उठाकर किले की हर दिशा को शिवाजी महाराज के उद्घोष से भर दिया।

 इस अवसर पर सांसद एसपी सिंह बघेल सहित प्रतापराव जाधव, राव साहेब दानवे माजी, आशिष शेलार, उदय सामंत, डॉ. परिणय फुके, राजकुमार चाहर, पृथ्वीराज झाला, शुभम थोराट, प्रशांत हरणे व रितेश नाटा आदि उपस्थित थे।